प्रत्येक कुण्डली का अध्ययन व्यक्तिगत रूप से मुफ्त में।

पार्थ प्रामाणिक वैदिक ज्योतिष सेवा प्रदान करते हैं। हम आपकी जन्म कुण्डली — लग्न, नवांश और विंशोत्तरी दशा का गहरा अध्ययन कर स्पष्ट और सटीक मार्गदर्शन देते हैं।

पार्थ कुण्डली कैसे देखते हैं

हम निरयण राशि चक्र और लाहिड़ी अयनांश के अनुसार गणना करते हैं — वही प्रामाणिक पद्धति जो भारत सरकार के पंचांग में प्रयोग होती है — ताकि आपकी कुण्डली आपके पारिवारिक पुरोहित की गणना से पूर्णतः मेल खाए।

विश्लेषण लग्न से आरम्भ होकर द्वादश भावों तक चलता है और हर योग की पुष्टि नवांश से की जाती है। समय का सटीक ज्ञान विंशोत्तरी दशा से प्राप्त होता है: आप किस ग्रह की महादशा में हैं और वह क्या फल देने वाली है।

न कोई भय, न महंगे रत्न या उपाय। यदि कोई उपाय उपयोगी है, तो उसका कारण स्पष्ट समझाया जाता है, जिसमें आपका समय लगता है, कोई महँगा पत्थर खरीदना नहीं।

अपनी कुण्डली जानिए

अपना नाम और जन्म विवरण दर्ज करें। कुछ ही क्षणों में अपना लग्न चक्र, चन्द्र कुण्डली, नवांश (D9) और विंशोत्तरी दशा प्राप्त करें।

अक्षांश, रेखांश और समय क्षेत्र स्वयं दर्ज करें

1947 से पूर्व के जन्म अथवा पारिवारिक स्थानीय समय के लिए इसका प्रयोग करें। यहाँ दर्ज मान खोज परिणाम को बदल देंगे।

वर्तमान गोचर (ग्रह चाल)

निरयण आकाश (लाहिड़ी अयनांश) में ग्रहों की वर्तमान स्थिति

जानिए वर्तमान गोचर आपके जीवन पर क्या प्रभाव डाल रहा है। अपनी व्यक्तिगत गोचर कुण्डली बनाएं

वर्तमान ग्रह स्थिति, निरयण (लाहिड़ी अयनांश)
ग्रह राशि अंश नक्षत्र भाव नवांश
गोचर कुण्डली वर्तमान आकाश चक्र

नोट: * वक्री, ^ अस्त, □ वर्गोत्तम, ↑ उच्च एवं ↓ नीच ग्रहों के लिए।

वैदिक पंचांग

सटीक दैनिक पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त एवं मासिक हिन्दू कैलेंडर

त्यौहार
04-11-2026 (Wednesday)

Dashami upto 11:03:38 • Krishna Paksha

Delhi, India Vikram: 2083 | Shaka: 1948 Parābhava

आज का पंचांग

तिथि--
नक्षत्र--
करण--
पक्ष--
योग--
वार--

सूर्य एवं चन्द्र गणना

सूर्योदय--
सूर्यास्त--
चन्द्र राशि--
चन्द्रोदय--
चन्द्रास्त--
ऋतु--
दिनमान--

हिन्दू संवत् एवं मास

शक संवत--
विक्रम संवत--
कलि संवत--
प्रविष्ठे / गते--
पूर्णिमा मास--
अमावस्या मास--

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)

दुष्ट मुहूर्त--
कुलिक--
कंटक / मृत्यु--
राहु काल--
कालवेला / अर्धयाम--
यमघण्ट--
यमगण्ड--
गुलिक काल--

शुभ समय (शुभ मुहूर्त)

अभिजित--
ब्रह्म मुहूर्त--
अमृत काल--

दिशा शूल

दिशा शूल--

चन्द्रबल एवं ताराबल

तारा बल
चन्द्र बल

रत्न

हर ग्रह का अपना रत्न है। एक रत्न चुनिए और देखिए वह क्या लेकर आता है।

  • माणिक (माणिक्य) — सूर्य. दिन: रविवार. धातु: सोना. कारकत्व: अधिकार, पिता, जीवन शक्ति और मान-सम्मान.
  • मोती (मोती) — चन्द्र. दिन: सोमवार. धातु: चाँदी. कारकत्व: मन, माता, भावनाएँ और विश्राम.
  • मूंगा (मूंगा) — मंगल. दिन: मंगलवार. धातु: सोना या ताँबा. कारकत्व: साहस, ऊर्जा, भाई-बहन और भूमि-संपत्ति.
  • पन्ना (पन्ना) — बुध. दिन: बुधवार. धातु: सोना. कारकत्व: बुद्धि, वाणी, व्यापार और शिक्षा.
  • पुखराज (पुखराज) — गुरु. दिन: गुरुवार. धातु: सोना. कारकत्व: ज्ञान, शिक्षक, संतान और भाग्य.
  • हीरा (हीरा) — शुक्र. दिन: शुक्रवार. धातु: चाँदी या प्लैटिनम. कारकत्व: प्रेम, विवाह, कला और सुख-सुविधा.
  • नीलम (नीलम) — शनि. दिन: शनिवार. धातु: चाँदी. कारकत्व: अनुशासन, परिश्रम, धैर्य और न्याय.
कुण्डली मिलानम्

कुंडली मिलान (गुण मिलान)

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रामाणिक अष्टकूट 36 गुण मिलान। वर और कन्या के जन्म विवरण दर्ज कर आध्यात्मिक, मानसिक, स्वास्थ्य और पारिवारिक सामंजस्य की गणना करें।

वर का विवरण (लड़का)

कन्या का विवरण (लड़की)

मुफ्त परामर्श बुक करें

दिन और समय चुनें। पार्थ प्रत्येक मुफ्त परामर्श की पुष्टि व्यक्तिगत रूप से व्हाट्सएप (+91 9974384058) पर करते हैं।

1 दिन और समय चुनें
2 आपका विवरण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इस साइट पर कुण्डली मुफ्त है, और उसमें क्या दिखता है?

हाँ, यह मुफ्त है। अपना नाम और जन्म की तारीख, समय व स्थान भरें, और साइट उत्तर भारतीय शैली में आपकी लग्न कुण्डली (D1), चन्द्र कुण्डली और नवांश (D9) बनाती है, साथ में ग्रह-स्थिति की तालिका और विंशोत्तरी दशा। इसमें कुछ ही सेकंड लगते हैं।

कुण्डली किस अयनांश और भाव पद्धति पर बनती है?

कुण्डली निरयन राशिचक्र में लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश से बनती है — वही गणना जो भारत सरकार के पंचांग में प्रयुक्त होती है। भाव सम्पूर्ण-राशि पद्धति से हैं: लग्न कुण्डली में पहला भाव लग्न की राशि है, और चन्द्र कुण्डली में चन्द्रमा की राशि।

पार्थ कुण्डली कैसे पढ़ते हैं?

परामर्श लग्न से शुरू होकर सभी भावों से गुज़रता है, फिर हर संकेत को नवांश से मिलाकर जाँचा जाता है। समय विंशोत्तरी दशा से निकलता है: आप किस ग्रह की दशा में हैं, और वह क्या ला सकती है।

पार्थ से परामर्श कैसे बुक करें?

बुकिंग भाग में मिलने का तरीका चुनें, दिन और समय चुनें, और अपना नाम व मोबाइल नंबर भरें। पार्थ हर परामर्श की पुष्टि व्यक्तिगत रूप से व्हाट्सएप पर करते हैं।

क्या मुझे रत्न या उपाय खरीदना होगा?

नहीं। पार्थ पहले से तैयार उपाय नहीं देते। कोई उपाय करने योग्य हो, तो उसका कारण समझाया जाता है, और रत्न तभी बताया जाता है जब आपकी कुण्डली में उसकी ज़रूरत हो — यह देखकर कि किस ग्रह को सहारे की आवश्यकता है।

मेरे नाम और जन्म विवरण का क्या होता है?

ये सहेजे जाते हैं ताकि परामर्श बुक करने पर पार्थ आपकी कुण्डली ढूँढ सकें। आप जब चाहें इन्हें हटवा सकते हैं। आपके लिखे स्थान का नाम उसके निर्देशांक जानने के लिए Open-Meteo की जियोकोडिंग सेवा को भी भेजा जाता है।