प्रत्येक कुण्डली का अध्ययन व्यक्तिगत रूप से मुफ्त में।
पार्थ प्रामाणिक वैदिक ज्योतिष सेवा प्रदान करते हैं। हम आपकी जन्म कुण्डली — लग्न, नवांश और विंशोत्तरी दशा का गहरा अध्ययन कर स्पष्ट और सटीक मार्गदर्शन देते हैं।
पार्थ कुण्डली कैसे देखते हैं
हम निरयण राशि चक्र और लाहिड़ी अयनांश के अनुसार गणना करते हैं — वही प्रामाणिक पद्धति जो भारत सरकार के पंचांग में प्रयोग होती है — ताकि आपकी कुण्डली आपके पारिवारिक पुरोहित की गणना से पूर्णतः मेल खाए।
विश्लेषण लग्न से आरम्भ होकर द्वादश भावों तक चलता है और हर योग की पुष्टि नवांश से की जाती है। समय का सटीक ज्ञान विंशोत्तरी दशा से प्राप्त होता है: आप किस ग्रह की महादशा में हैं और वह क्या फल देने वाली है।
न कोई भय, न महंगे रत्न या उपाय। यदि कोई उपाय उपयोगी है, तो उसका कारण स्पष्ट समझाया जाता है, जिसमें आपका समय लगता है, कोई महँगा पत्थर खरीदना नहीं।
अपनी कुण्डली जानिए
अपना नाम और जन्म विवरण दर्ज करें। कुछ ही क्षणों में अपना लग्न चक्र, चन्द्र कुण्डली, नवांश (D9) और विंशोत्तरी दशा प्राप्त करें।
नोट: * वक्री, ^ अस्त, □ वर्गोत्तम, ↑ उच्च एवं ↓ नीच ग्रहों के लिए।
इंटरैक्टिव कुण्डली विश्लेषण
ऊपर लग्न चक्र में किसी भी भाव या ग्रह पर क्लिक करें और भाव स्वामी, ग्रह बल, पराशरी दृष्टि एवं भाव चलित संधियों का गहन विश्लेषण देखें।
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र | भाव | नवांश |
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विंशोत्तरी दशा
अपनी कुण्डली पर पार्थ से व्यक्तिगत मुफ्त परामर्श लें। आने वाले समय और महत्वपूर्ण निर्णयों पर स्पष्ट मार्गदर्शन प्राप्त करें।
वर्तमान गोचर (ग्रह चाल)
जानिए वर्तमान गोचर आपके जीवन पर क्या प्रभाव डाल रहा है। अपनी व्यक्तिगत गोचर कुण्डली बनाएं
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र | भाव | नवांश |
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नोट: * वक्री, ^ अस्त, □ वर्गोत्तम, ↑ उच्च एवं ↓ नीच ग्रहों के लिए।
आपकी व्यक्तिगत गोचर कुण्डली
अपना जन्म विवरण दर्ज करें और जानें कि वर्तमान गोचर आपके भावों और जन्म राशि पर क्या प्रभाव डाल रहा है।
नोट: * वक्री, ^ अस्त, □ वर्गोत्तम, ↑ उच्च एवं ↓ नीच ग्रहों के लिए।
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र | भाव | नवांश |
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| ग्रह | वर्तमान राशि | चन्द्र से भाव | लग्न से भाव | प्रभाव | वैदिक गोचर फल |
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आज का पंचांग
सूर्य एवं चन्द्र गणना
हिन्दू संवत् एवं मास
अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
शुभ समय (शुभ मुहूर्त)
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November 2026
रत्न
हर ग्रह का अपना रत्न है। एक रत्न चुनिए और देखिए वह क्या लेकर आता है।
- माणिक (माणिक्य) — सूर्य. दिन: रविवार. धातु: सोना. कारकत्व: अधिकार, पिता, जीवन शक्ति और मान-सम्मान.
- मोती (मोती) — चन्द्र. दिन: सोमवार. धातु: चाँदी. कारकत्व: मन, माता, भावनाएँ और विश्राम.
- मूंगा (मूंगा) — मंगल. दिन: मंगलवार. धातु: सोना या ताँबा. कारकत्व: साहस, ऊर्जा, भाई-बहन और भूमि-संपत्ति.
- पन्ना (पन्ना) — बुध. दिन: बुधवार. धातु: सोना. कारकत्व: बुद्धि, वाणी, व्यापार और शिक्षा.
- पुखराज (पुखराज) — गुरु. दिन: गुरुवार. धातु: सोना. कारकत्व: ज्ञान, शिक्षक, संतान और भाग्य.
- हीरा (हीरा) — शुक्र. दिन: शुक्रवार. धातु: चाँदी या प्लैटिनम. कारकत्व: प्रेम, विवाह, कला और सुख-सुविधा.
- नीलम (नीलम) — शनि. दिन: शनिवार. धातु: चाँदी. कारकत्व: अनुशासन, परिश्रम, धैर्य और न्याय.
कुंडली मिलान (गुण मिलान)
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रामाणिक अष्टकूट 36 गुण मिलान। वर और कन्या के जन्म विवरण दर्ज कर आध्यात्मिक, मानसिक, स्वास्थ्य और पारिवारिक सामंजस्य की गणना करें।
मुफ्त परामर्श बुक करें
दिन और समय चुनें। पार्थ प्रत्येक मुफ्त परामर्श की पुष्टि व्यक्तिगत रूप से व्हाट्सएप (+91 9974384058) पर करते हैं।
परामर्श अनुरोध तैयार है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या इस साइट पर कुण्डली मुफ्त है, और उसमें क्या दिखता है?
हाँ, यह मुफ्त है। अपना नाम और जन्म की तारीख, समय व स्थान भरें, और साइट उत्तर भारतीय शैली में आपकी लग्न कुण्डली (D1), चन्द्र कुण्डली और नवांश (D9) बनाती है, साथ में ग्रह-स्थिति की तालिका और विंशोत्तरी दशा। इसमें कुछ ही सेकंड लगते हैं।
कुण्डली किस अयनांश और भाव पद्धति पर बनती है?
कुण्डली निरयन राशिचक्र में लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश से बनती है — वही गणना जो भारत सरकार के पंचांग में प्रयुक्त होती है। भाव सम्पूर्ण-राशि पद्धति से हैं: लग्न कुण्डली में पहला भाव लग्न की राशि है, और चन्द्र कुण्डली में चन्द्रमा की राशि।
पार्थ कुण्डली कैसे पढ़ते हैं?
परामर्श लग्न से शुरू होकर सभी भावों से गुज़रता है, फिर हर संकेत को नवांश से मिलाकर जाँचा जाता है। समय विंशोत्तरी दशा से निकलता है: आप किस ग्रह की दशा में हैं, और वह क्या ला सकती है।
पार्थ से परामर्श कैसे बुक करें?
बुकिंग भाग में मिलने का तरीका चुनें, दिन और समय चुनें, और अपना नाम व मोबाइल नंबर भरें। पार्थ हर परामर्श की पुष्टि व्यक्तिगत रूप से व्हाट्सएप पर करते हैं।
क्या मुझे रत्न या उपाय खरीदना होगा?
नहीं। पार्थ पहले से तैयार उपाय नहीं देते। कोई उपाय करने योग्य हो, तो उसका कारण समझाया जाता है, और रत्न तभी बताया जाता है जब आपकी कुण्डली में उसकी ज़रूरत हो — यह देखकर कि किस ग्रह को सहारे की आवश्यकता है।
मेरे नाम और जन्म विवरण का क्या होता है?
ये सहेजे जाते हैं ताकि परामर्श बुक करने पर पार्थ आपकी कुण्डली ढूँढ सकें। आप जब चाहें इन्हें हटवा सकते हैं। आपके लिखे स्थान का नाम उसके निर्देशांक जानने के लिए Open-Meteo की जियोकोडिंग सेवा को भी भेजा जाता है।